न्यू आदर्श नगर रुड़की से अवैध टावर हटाया गया

रुड़की (जिला हरिद्वार)। खबर (अनमोल यादव) संपादक पहाड़ की वाणी समाचार पत्र-
आपकी आवाज, आपके पहाड़ की पहचान प्रशासन का बड़ा फैसला: न्यू आदर्श नगर रुड़की के रिहायशी क्षेत्र से अवैध मोबाइल टावर हटाया गया, ग्रामीणों में राहत
रुड़की के न्यू आदर्श नगर क्षेत्र में देवेंद्र सतीजा के मकान पर बिना अनुमति और अवैध रूप से लगाए जा रहे मोबाइल टावर को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। 26 अगस्त 2026 को प्रशासनिक आदेशों के तहत इस अवैध मोबाइल टावर को हटाने और उतरवाने की कार्रवाई शुरू की गई, जिससे क्षेत्रवासियों में संतोष देखा जा रहा है।
क्या है पूरा मामला?
न्यू आदर्श नगर में रामपाल कश्यप के मकान के पास देवेंद्र सतीजा के मकान की छत पर अवैध रूप से एक मोबाइल टावर का निर्माण किया जा रहा था। घनी आबादी और जान-माल के खतरे को देखते हुए आदर्श नगर के निवासियों ने इसका कड़ा विरोध किया। निवासियों ने एकजुट होकर “न्यू आदर्श नगर संघर्ष समिति” के बैनर तले धरना-प्रदर्शन किया तथा उप जिलाधिकारी (SDM) रुड़की को लिखित शिकायत देकर टावर हटाने की मांग की।

जांच में पाई गईं कमियां, निर्माण पर लगी रोक
शिकायत को गंभीरता से लेते हुए उप जिलाधिकारी रुड़की द्वारा मामले की निष्पक्ष जांच कराई गई। जांच के दौरान मोबाइल टावर निर्माण से जुड़ी कई वैधानिक और तकनीकी कमियां सामने आईं। इसके तुरंत बाद उप जिलाधिकारी ने निर्माण कार्य को तत्काल प्रभाव से रोकने के सख्त निर्देश जारी कर दिए थे।
राजनीतिक दबाव और झूठे मुकदमों का आरोप
क्षेत्रवासियों का आरोप है कि निर्माण कार्य रोके जाने से बौखलाए देवेंद्र सतीजा ने रामपाल आदि स्थानीय निवासियों के साथ मारपीट की। निवासियों का कहना है कि देवेंद्र सतीजा के राजनीतिक प्रभाव के कारण पुलिस ने उल्टा पीड़ित आदर्श नगर निवासियों के विरुद्ध ही झूठे मुकदमे दर्ज कर दिए थे, जिससे स्थानीय लोगों में भारी रोष व्याप्त हो गया था।
सत्य की जीत, अब मुकदमे वापसी का इंतजार
अंततः प्रशासन ने आदर्श नगर निवासियों द्वारा की गई शिकायत और उठाए गए बिंदुओं को सही माना। 26 अगस्त को प्रशासन की निगरानी में इस अवैध टावर को हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई।
अब न्यू आदर्श नगर निवासियों की प्रमुख मांग है कि जिस तरह प्रशासन ने अवैध टावर पर कार्रवाई कर न्याय किया है, उसी तरह राजनीतिक दबाव में निर्दोष निवासियों पर दर्ज कराए गए झूठे मुकदमों को भी जल्द से जल्द निरस्त/वापस लिया जाना चाहिए।
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