पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026–27: बीजेपी ने स्टार प्रचारकों की सूची सौंपी

प्रधान संपादक पहाड़ की वाणी (अनमोल यादव)
7 अप्रैल, 2026 (सू. ब्यूरो)
नई दिल्ली: आगामी पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026–27 को लेकर राजनीतिक माहौल तेज हो गया है। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने चुनाव आयोग को अपने स्टार प्रचारकों की आधिकारिक सूची सौंप दी है। यह सूची पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अरुण सिंह द्वारा 5 अप्रैल 2026 को भेजे गए एक पत्र के माध्यम से प्रस्तुत की गई है।
इस पत्र में भारत निर्वाचन आयोग को सूचित किया गया है कि पार्टी के कई वरिष्ठ और प्रभावशाली नेता पश्चिम बंगाल में चुनाव प्रचार में हिस्सा लेंगे। यह सूची फिलहाल पहले चरण (Schedule-I) के लिए मान्य बताई गई है। साथ ही, पार्टी ने स्पष्ट किया है कि आवश्यकता पड़ने पर इस सूची में संशोधन किया जा सकता है।
बीजेपी द्वारा जारी स्टार प्रचारकों की सूची में देश के शीर्ष नेताओं के नाम शामिल हैं। इनमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी प्रमुख हैं। इसके अलावा उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा और महाराष्ट्र के वरिष्ठ नेता देवेंद्र फडणवीस भी इस सूची में शामिल हैं।
दिलचस्प बात यह है कि इस बार पार्टी ने राजनीति के साथ-साथ मनोरंजन जगत के चर्चित चेहरों को भी प्रचार अभियान में शामिल किया है। इनमें अभिनेता मिथुन चक्रवर्ती, हेमा मालिनी और कंगना रनौत के नाम प्रमुख रूप से सामने आए हैं। इन चेहरों के जरिए पार्टी जनता के बीच अपनी पकड़ और प्रभाव को और मजबूत करने की कोशिश कर रही है।
इसके अलावा कई क्षेत्रीय और संगठनात्मक नेताओं को भी इस सूची में जगह दी गई है। पश्चिम बंगाल के प्रमुख नेताओं जैसे सुवेंदु अधिकारी, दिलीप घोष और सुकांत मजूमदार को भी स्टार प्रचारकों में शामिल किया गया है। इससे यह संकेत मिलता है कि पार्टी स्थानीय और राष्ट्रीय नेतृत्व के संतुलन के साथ चुनावी रणनीति तैयार कर रही है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बीजेपी इस बार पश्चिम बंगाल में अपनी स्थिति को मजबूत करने के लिए पूरी ताकत झोंक रही है। राष्ट्रीय स्तर के दिग्गज नेताओं की सक्रिय भागीदारी से चुनावी मुकाबला और भी दिलचस्प होने की संभावना है।
अब देखना यह होगा कि बीजेपी की यह रणनीति चुनावी नतीजों में कितना असर डालती है और क्या पार्टी पश्चिम बंगाल में अपनी पकड़ मजबूत कर पाती है या नहीं।



